एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) क्या है? लाभ, सप्लीमेंट्स और बहुत कुछ
क्या विटामिन सी और एस्कॉर्बिक एसिड एक ही हैं?
एस्कॉर्बिक एसिड को आमतौर पर विटामिन सी के नाम में अधिक जाना जाता है। शरीर में कई तरह के आवश्यक कार्य करने वाला, पानी में घुलनशील यह शक्तिशाली विटामिन कुछ खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है और डाइटरी सप्लीमेंट के रूप में लिया जा सकता है।विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और यह मानव शरीर में होने वाली कम-से-कम आठ महत्वपूर्ण जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं में एंज़ाइम के लिए "सह-कारक" होता है।
विटामिन सी का सप्लीमेंट क्यों लें?
पिछले कुछ दशकों में, सभी विटामिनों में से विटामिन सी पर सबसे अधिक शोध हुए हैं। अध्ययनों में देखा गया है कि विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली, त्वचा और हृदय के स्वास्थ्य और बहुत-सी चीज़ों में सुधार करता है।
अधिकांश स्तनधारियों के उलट, इंसान ग्लूकोज़ से विटामिन सी नहीं बना सकते, इसीलिए हमें खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स के ज़रिए इसे लेना होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि युगों पहले हमारे मानव पूर्वजों में एक आनुवंशिक बदलाव आया था जिसकी वजह से खुद से विटामिन सी बनाने की हमारी क्षमता चली गई थी।
विटामिन सी लेने पर छोटी आंत उसे सोख लेती है और गुर्दे रक्त में उसकी मात्रा को नियंत्रित करते हैं, जो अतिरिक्त विटामिन सी मौजूद होने पर उसे मूत्र के ज़रिए बाहर निकाल देते हैं। मानव शरीर के अंदर, विटामिन सी की सबसे अधिक मात्रा पिट्यूटरी ग्लैंड, अड्रीनल ग्लैंड्स, मस्तिष्क, सफ़ेद रक्त कोशिकाओं और आंखों में पाई जा सकती है।
हमें प्राकृतिक रूप से विटामिन सी कहाँ से मिलता है?
विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में तरह-तरह के रंगीन फल और सब्जियां शामिल हैं। संतरे, ग्रेपफ्रूट, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और कीवी जैसे खट्टे फलों में उच्च मात्रा में विटामिन सी होता है।
प्रति सर्विंग सबसे अधिक मिलीग्राम के क्रम में, अन्य स्रोतों में लाल शिमला मिर्च, हरी शिमला मिर्च, ब्रॉकोली, ब्रसल स्प्राउट्स, टमाटर, पत्तागोभी, फूलगोभी, आलू और मटर शामिल हैं। ऑक्सीडेटिव नुकसान को रोकने में मदद के लिए एस्कॉर्बिक एसिड को आमतौर पर थोड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थों में मिलाया भी जाता है।
अन्य विटामिनों और खनिजों के साथ-साथ सही मात्रा में विटामिन सी लेने का सबसे अच्छा तरीका है कि संतुलित आहार लें जिसमें कई अलग-अलग रंगों वाले खाद्य पदार्थ शामिल हों। हालांकि आहार के ज़रिए अधिकतर पोषक तत्व लेना सबसे अच्छा होता है, मगर विटामिन की सभी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद के लिए विटामिन सी का सप्लीमेंट लेना लाभकारी हो सकता है। आमतौर पर, विटामिन सी समेत सभी विटामिनों और खनिजों का पर्याप्त सेवन सुनिश्चित करने के लिए दैनिक आहार में मल्टीविटामिन्स को शामिल करना एक बढ़िया तरीका है।
अधिकतर मल्टीविटामिन्स में विटामिन सी की 100 मिलीग्राम से कम खुराक पाई जाती है। अगर इससे अधिक खुराक चाहिए, जैसे 500 मिलीग्राम से 1,000 मिलीग्राम, तो अलग से एक विटामिन सी सप्लीमेंट भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकतर लोगों के लिए, लेबल पर बताई गई मात्रा में विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है।
अगर आपमें विटामिन सी की कमी हो, तो क्या होता है?
लंबे समय तक विटामिन सी की भारी कमी के कारण स्कर्वी नामक रोग हो जाता है जो घातक साबित हो सकता है। हालांकि, कई लोगों में विटामिन सी की कमी के ऐसे संकेत और लक्षण भी होते हैं जो घातक स्तर तक नहीं पहुँचते, केवल अच्छे स्वास्थ्य के लिए बाधा बनते हैं।
विटामिन सी की कमी के लक्षणों में शामिल है:
- अधिक खून बहना और नील पड़ना
- त्वचा पतली होना
- खून की कमी
- मसूड़ों से खून आना (मसूड़ों में सूजन) और दांत गिरना
- बार-बार मूड बदलना
- जोड़ों में दर्द
- घाव ठीक से न भरना
लोगों में विटामिन सी की कमी का जोखिम पैदा करने वाले जोखिम कारकों में शामिल हैं:
- कम फलों और सब्जियों वाला अस्वस्थ आहार
- तंबाकू का सेवन
- शराब की लत
- अवशोषण संबंधी समस्याएं
- 65 साल से अधिक उम्र
विटामिन सी की कमी को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है सप्लीमेंट लेना और उस समस्या को ठीक करना जिसकी वजह से कमी हुई थी। खून में विटामिन सी के स्तर को मापने के लिए खून की जांच की जा सकती है, लेकिन ये महंगा हो सकता है और नियमित रूप से नहीं किया जा सकता। सबसे अच्छा है कि डॉक्टर को रोगी के रोग संबंधी लक्षणों पर निर्भर होना चाहिए और विटामिन सी की स्थिति को आंकने के लिए मेडिकल हिस्ट्री जाननी चाहिए।
क्या बहुत अधिक विटामिन सी लेना संभव है?
विटामिन सी के बहुत ऊंचे स्तर के आम लक्षण आमतौर पर पाचन तंत्र की समस्याओं से जुड़े होते हैं — दस्त, पेट फूलना, ऐंठन और मतली। कुछ शोधों में पाया गया है कि विटामिन सी के अधिक सेवन से आंत के विकारों की जांच के लिए इस्तेमाल हो सकने वाले स्टूल ग्वाएक टैस्ट (मल में खून की जांच) के झूठे नेगेटिव नतीजे आ सकते हैं। मौखिक रूप से लेने पर, अधिकतर लोग प्रति दिन 2,000 से 3,000 मिलीग्राम विटामिन सी को सहन कर सकते हैं। चूंकि विटामिन सी पानी में घुलनशील होता है, इसलिए शरीर अनावश्यक विटामिन सी को मूत्र के ज़रिए बाहर निकाल देगा।
मुझे रोज़ाना कितना विटामिन सी लेना चाहिए?
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच संयुक्त राज्य अमेरिका का एक स्वास्थ्य संगठन है) के अनुसार, विटामिन सी की सुझायी गई न्यूनतम मात्रा उम्र और लिंग पर निर्भर करती है। हालांकि, ये छोटी मात्रा स्कर्वी को रोकने के लिए ज़रूरी होती हैं, मगर हो सकता है कि ये खून में विटामिन सी का स्तर सही रखने के लिए पर्याप्त न हों।
ज़्यादातर वयस्क पुरुषों को प्रति दिन कम-से-कम 90 मिलीग्राम की ज़रूरत होती है और एक वयस्क महिला को प्रति दिन 75 मिलीग्राम की ज़रूरत होती है। गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों को प्रति दिन कम-से-कम 120 मिलीग्राम विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है।
तंबाकू का सेवन करने वालों में विटामिन सी की कमी और भी अधिक हो सकती है। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि एक सिगरेट से 30 से 40 मिलीग्राम एस्कॉर्बिक एसिड का ऑक्सीकरण होगा। इसका मतलब है कि तंबाकू का सेवन करने वाले अधिकतर लोगों को यह अंतर दूर करने के लिए प्रति दिन 1,000 से अधिक मिलीग्राम एस्कॉर्बिक एसिड की ज़रूरत हो सकती है। शायद खून में विटामिन सी के कम स्तर और अत्यधिक ऑक्सीकरण की वजह से ही धूम्रपान करने वाले लोगों में आमतौर पर 50 की उम्र में दांत गिरने लगते हैं, त्वचा पतली होती है और धूम्रपान न करने वालों की तुलना में आसानी से चोट लग जाती है।
विटामिन सी और सर्दी-ज़ुकाम
प्रमुख संक्रमणों के साथ-साथ सर्दी-ज़ुकाम से लड़ने समेत प्रतिरक्षा को बढ़ाने में विटामिन सीके लाभ के कारण इस पर बहुत अध्ययन किया गया है। सर्दी-ज़ुकाम, या ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण, एक व्यक्ति के जीवन में होने वाला सबसे आम संक्रमण है। ऐसा अनुमान है कि सर्दी के वायरस के 200 से अधिक प्रकार मौजूद हैं।
सर्दी-ज़ुकाम का इलाज करने या इससे बचने के लिए विटामिन सी का सप्लीमेंट लेना एक विवादास्पद विषय रहा है। बहुत से शोध में देखा गया है कि हालांकि विटामिन सी सर्दी-ज़ुकाम से बचाव नहीं करता, मगर सामान्य खुराक में, लगातार सप्लीमेंट लेने पर यह सर्दी-ज़ुकाम के लक्षणों, जैसे कि बुखार, ठंड लगना, दर्द और पीड़ा, की अवधि और गंभीरता को कम ज़रूर करता है। शोध से सुझाव मिला है कि सर्दी के लक्षणों में आठ से नौ प्रतिशत की कमी पायी गई है, जो लगभग आधे दिन के लक्षणों के बराबर है।
एक अध्ययन में 463 छात्रों को देखा गया। आधे प्रतिभागियों को दिन में तीन बार विटामिन सी की 1000 मिलीग्राम की उच्च खुराक के साथ-साथ सर्दी के लक्षण उभरने के पहले या बाद के पहले छह घंटों में हर घंटे 1000 मिलीग्राम का आईवी बोलस दिया गया। ऐसा पाया गया कि विटामिन सी की उच्च खुराक न लेने वाले समूह की तुलना में इस नियंत्रित समूह को राहत मिली और लक्षणों से बचाव हुआ।
2014 के एक अध्ययन में पाया गया कि विटामिन सी से सर्दी होने का जोखिम कम हो सकता है और प्लेसबो (शुगर की गोलियां) की तुलना में सर्दी की अवधि भी कम हो गई थी।
लिटरेचर ने भी सुझाव दिया है कि विटामिन सी और जस्ता के मेल से लक्षणों से राहत मिलने के ठोस सबूत पाए गए। यह वाला अध्ययन एक डबल-ब्लाइंड, रैंडम तौर पर किया गया, प्लेसबो-नियंत्रित परीक्षण था जिसमें प्रतिभागियों को 1000 मिलीग्राम विटामिन सी और 10 मिलीग्राम जस्ता दिया गया था। नतीजों में पाया गया कि दोनों के सप्लीमेंट लेने से पांच दिन के इलाज में लक्षणों की अवधि कम हो गई।
जुलाई 2020 में प्रकाशित एक अध्ययन में तीव्र श्वसन संक्रमण में विटामिन सी की भूमिका पर ध्यान दिया गया था। सर्दी-ज़ुकाम वाले अध्ययनों की तरह ही, नतीजों में पाया गया कि लक्षणों की शुरूआत में विटामिन सी के मौखिक सेवन से लक्षणों की अवधि को कम करने में मदद मिली, लेकिन संक्रमण की रोकथाम या इलाज में मदद नहीं मिली।
विटामिन सी और सेप्सिस
सेप्सिस खून में एक जानलेवा जीवाणु संक्रमण होता है जो दुनिया भर के सालाना लाखों लोगों की जान लेता है। एक हालिया शोध में विटामिन सी के सूजन-रोधी गुणों और इसकी संभावित एंटीऑक्सीडेंट क्षमता के आधार पर, सेप्सिस के संभावित उपचार के तौर पर विटामिन सी के उपयोग पर शोध किया गया है।
2018 के एक अध्ययन में प्रमाण मिले कि सेप्सिस की मानक चिकित्सा के अलावा विटामिन सी देने से रोगी के नतीजों में सुधार हुआ। हालांकि, सेप्सिस में विटामिन सी के लाभ के ठोस निष्कर्ष पाने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के अस्पतालों को अपने हॉस्पिटल ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में आईवी विटामिन सी जोड़ते हुए देखा है।
विटामिन सी और हृदय स्वास्थ्य
हृदय रोग में एंटीऑक्सीडेंट की भूमिका निभाने के लिए विटामिन सी पर अध्ययन किया गया है। रूकी हुई धमनियां, जिसे धमनीकाठिन्य भी कहते हैं, एक स्वास्थ्य समस्या है जिसमें खून के बहाव पर असर पड़ता है। जर्नल ऑफ़ न्यूट्रीशनल बायोकेमिस्ट्री में प्रकाशित 2017 के एक अध्ययन में देखा गया कि गुलाब के फल, जो विटामिन सी से भरपूर होते हैं, से धमनीकाठिन्य को रोकने में मदद मिली, जो हृदय रोग का एक प्रारंभिक सूचक है।
एट्रियल फिब्रिलेशन एक हृदय रोग है जिसमें हृदय की धड़कन अनियमित होती है। उम्र बढ़ने के साथ इस रोग का जोखिम बढ़ जाता है और यह रोग दिल की सर्जरी करवाने के बाद भी हो सकता है। न्यूट्रीएंट्स में प्रकाशित 2018 के एक अध्ययन में देखा गया कि दिल की सर्जरी के बाद जिन मरीजों को विटामिन सी नहीं दिया गया, उनकी तुलना में विटामिन सी लेने वाले लोगों को एट्रियल फिब्रिलेशन होने की संभावना कम थी।
विटामिन सी और त्वचा स्वास्थ्य
त्वचा की सेहत के लिए अपने एंटीऑक्सीडेंट लाभों के लिए विटामिन सी बहुत मशहूर है, जब इसे त्वचा पर लगाया जाए। त्वचा एक अवरोध है जिसमें हमें यूवीए/यूवीबी किरणों के कारण पर्यावरण से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्राकृतिक रूप से विटामिन सी होता है और यह कोलेजन के बनने को भी बढ़ावा देता है। उम्र बढ़ने के साथ विटामिन सी कम हो जाता है, यही वजह है कि हमें त्वचा की परतों में कोलेजन और इलास्टिक फाइबर घटता हुआ दिखता है। आखिर में, इस गिरावट और लचीलेपन की कमी की वजह से त्वचा खुश्क हो जाती है और झुर्रियां पड़ जाती है।
माना जाता है कि विटामिन सी के सप्लीमेंट लेने के साथ-साथ त्वचा पर विटामिन सी सीरम लगाने और यहां तक कि मौखिक सप्लीमेंट लेने से, उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में विटामिन सी का स्तर कम होने के कई परिणामों की गति को धीमा किया जा सकता है।
2017 के एक शोध अध्ययन से पता चला कि उम्र-रोधी गुणों के अलावा, त्वचा के लिए विटामिन सी की सबसे लाभकारी भूमिका इसकी घाव भरने की क्षमता है। इसमें इसके सूजन-रोधी गुणों और कोलेजन उत्पादन में बढ़ोतरी के बारे में बताया गया है, जिससे घाव जल्दी ठीक होते हैं। इसके अलावा, अध्ययन में पाया गया कि जब विटामिन सी और ई के मौखिक सप्लीमेंट लिए गए, तब अत्यधिक जले हुए बच्चों के घाव भरने की दर में सुधार हुआ था। अध्ययन से यह भी पता चलता है कि सिलिकॉन जेल के रूप में विटामिन सी को त्वचा पर लगाने से निशान पड़ने में बहुत कमी देखी गई।
हालांकि विटामिन सी के त्वचा पर लगाने वाले रूप लाभकारी पाए गए हैं, मगर हमारी त्वचा की सेहत के लिए पोषण बहुत आवश्यक है, इसलिए आहार के ज़रिए ज़रूरी विटामिन लेना महत्वपूर्ण है। इसमें कोई शक नहीं कि विटामिन सी कई स्वास्थ्य लाभ देने वाला एक आवश्यक विटामिन है और हम सभी को इसका पर्याप्त सेवन ज़रूर करना चाहिए।
विटामिन सी और गुर्दे की पथरी
जब बात विटामिन सी और गुर्दे की पथरी की आती है, तो परस्पर विरोधी रिपोर्ट्स मिलती हैं। चयापचय के बाद विटामिन सी ऑक्सालेट में बदल जाता है, जिसे गुर्दे में पथरी बनने के जोखिम को बढ़ाने वाला माना जाता है।
हालांकि, 1999 के एक अध्ययन में, जिसमें 85,557 संभावित रोगियों पर अध्ययन किया गया था, निष्कर्ष निकला, "पत्थरी बनने से रोकने के लिए विटामिन सी के नियमित सेवन पर रोक लगाना सही नहीं लगता।"
अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित 2016 के एक अध्ययन से बात कुछ साफ़ हुई थी, जिसमें पाया गया कि विटामिन सी के सप्लीमेंट लेने और गुर्दे की बीमारी का जोखिम बहुत अधिक बढ़ने के बीच संबंध केवल पुरुषों में था, जबकि महिलाओं में कोई वृद्धि हुई थी। अगर आपको गुर्दे में पथरी होने का जोखिम है, तो प्रति दिन 1,000 मिलीग्राम से कम विटामिन सी लेना एक समझदार सलाह हो सकती है।
मुख्य बिंदु
विटामिन सी, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, पानी में घुलनशील एक आवश्यक विटामिन है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। गंभीर रोग और खराब स्वास्थ्य आदतों वाले लोगों में इसका स्तर कम होता है। पौष्टिक खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार लेना बेहद आवश्यक है। जिन्हें अधिक विटामिन सी की ज़रूरत है, वे इसे मल्टीविटामिन, विटामिन सी पाउडर, विटामिन सी सप्लीमेंट्स, या विटामिन सी गमी के रूप में ले सकते हैं।
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