नई सामान्यता या न्यू नॉर्मल में आज़माने के लिए 5 स्वास्थ्य आचरण।
दुनियाभर में बहुत सारे लोगों के पास लॉकडाउन की वज़ह से काफी खाली समय है, और हमें लगातार अपनी दैनिक स्वच्छता से जुड़ी आदतों को याद कराया जाता रहा है। अब जबकि यह आदेश उठाया जा रहा है और स्थान फिर से खुल रहे हैं, तो अपने स्वास्थ्य के उच्चतम स्तर पर बने रहने के लिए इन आदतों को बनाए रखना पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है। अपनी सामान्य दिनचर्या में लौटते समय स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को बनाए रखने हेतु हमारे लिए यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं।
1. विवेकशील पोषण
लोगों के घर पर अधिक समय बिताने के साथ ही घर के अंदर खान-पान ने लोकप्रियता हासिल की है। किराने के सामान और भोजन तैयार करने के लिए जरूरी सामग्रियों की वितरण सेवाएं घर पर भोजन तैयार करना और अधिक सुविधाजनक बनाती हैं। जैसे ही हम अपने सामान्य दिनचर्या में लौटते हैं, घर का खाना छोड़कर बाहर का खाने की पुरानी आदतों की ओर लौटाने का मन करेगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग के अनुसार, बाहर का खाना खाने से समग्र कैलोरी में कई सौ कैलोरी तक की बढ़त हो सकती है, जिनमें से अधिकांश चीनी और फ़ैट के कारण बढ़ती हैं। जो लोग अपने स्वस्थ-आहार को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन साथ ही तेजी और सुविधा भी चाहते हैं क्योंकि वे अब एक सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं, उनके लिए कुछ वैकल्पिक चुनाव हैं।
चलते-फिरते तुरंत पोषक तत्वों से भरपूर शेक बनाने के लिएप्रोटीन पाउडरएक त्वरित तरीका है। कई प्रोटीन पाउडर मेंव्हेहोता है, जो एक दूध उपोत्पाद है। मटर से बने प्रोटीन पाउडरउन लोगों के लिए उपयुक्त हैं जो अन्य आहार प्रतिबंधों के साथ डेयरी उत्पादों यापैलियो-अनुकूल प्रोटीन पाउडरका उपभोग नहीं कर सकते हैं। प्रोटीन पाउडर भोजन के एवज़ में त्वरित और बाहर खाने के लिए एक स्वस्थ विकल्प के रूप में काम कर सकता है।
कई अध्ययनों से पता चलता है कि स्वस्थ गट फ्लोरा या आंत में रहने वाले बैक्टीरिया हमारे प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। एक अध्ययन से पता चलता है कि विविध प्रकार के आहार आंत में विविध माइक्रोबायोम को बढ़ावा दे सकते हैं।
प्रोबायोटिक्सका उपयोग हमारे जठरांत्र पथ में अच्छे बैक्टीरिया की बढ़त में मदद के लिए किया जा सकता है जो एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन कर सकता है। कई प्रोबायोटिक उपभेद हमारे पेट के फ्लोरा में पाए जाते हैं और एक अच्छा माइक्रोबियल संतुलन बनाए रखने के लिए काम करते हैं। कई अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोबायोटिक्स संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैं, एच पाइलोरी को बढ़ने से रोक सकते हैं, आंत में सूजन को कम कर सकते हैं और एलर्जी को रोक सकते हैं।
2. एक नियमित व्यायाम दिनचर्या बनाए रखें
अधिकतर लोगों का मानना है कि व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है, स्पष्ट सोच प्रदान कर सकता है, माँसपेशियों में कसावट लाने में मदद कर सकता है और हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। व्यायाम एंडोर्फिन के स्राव को बढ़ाकर हमारे मूड को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। एंडोर्फिन शरीर द्वारा उत्सरित रसायन हैं जो दर्द और तनाव को दूर करने में मदद करते हैं। वे हमें दर्द की अनुभूति को कम करते हुए बेहतर स्वास्थ्य और समग्र सकारात्मक अहसास प्रदान करते हैं।
जिम खुलना शुरू होने के साथ ही, बहुत से लोग धीरे-धीरे अपने जिम की दिनचर्या में वापस आ जाएँगे। हालांकि, लॉकडाउन ने हम में से कईयों को घर पर अपने व्यायाम को रचनात्मक बनाने का मौका दिया। जिम जाने की तुलना में घर पर व्यायाम करना एक सुविधाजनक तरीका हो सकता है। कई जिमों ने ऑनलाइन व्यायाम की पेशकश करना शुरू कर दिया, और इंटरनेट बहुत सारे होम-वर्कआउट कार्यक्रमों से भरा हुआ है, जिनकी मदद से प्रेरणा पाना आसान हो जाता है।
जिन लोगों को थोड़े व्यायाम के लिए प्रोत्साहन की ज़रूरत होती है, तो व्यायाम के लिए तैयार होने से पहलेप्री-वर्कआउटपाउडर एक बढ़िया तरीका हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है किबीटा-एलनिन,क्रिएटिन, औरब्रांच चैन एमीनो एसिडयुक्त एक प्री-वर्कआउट पूरक लेने से समग्र प्रतिरोध प्रशिक्षण और शरीर की ताकत में सुधार दिखाई दे सकता है।
नियमित व्यायाम के सूजन-रोधी प्रभाव भी हो सकते हैं जो एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने में मदद कर सकता है, जो स्वास्थ्य और सलामती बनाए रखने में महत्वपूर्ण हैं।
3. रात में अच्छी नींद लें
लॉकडाउन के हटते ही, हम में से अधिकांश लोग एक सामान्य दिनचर्या में वापस आ जाएँगे। यही कारण है कि नींद की स्वस्थ दिनचर्या को बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नेशनल स्लीप इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि 30% आबादी अनिद्रा से पीड़ित है। अनिद्रा में सोने या नींद में बने रहने में कठिनाई और जागने के बाद थका हुआ महसूस करने की अनुभूति का समावेश होता है।
प्रति रात 7 से 8 घंटे से कम सोने से मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह और कमज़ोर प्रतिरक्षा कार्यप्रणाली का खतरा बढ़ सकता है। पर्याप्त नींद की कमी अल्प जीवन काल से भी जोड़कर देखा जा सकता है।
हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी, जिसे सर्कैडियन रिदम के रूप में जाना जाता है, हमारे सोने-जागने के चक्र को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार है। यह चक्रमेलाटोनिनसे बहुत प्रभावित होता है- जो हमारे मस्तिष्क में हमारी पीनियल ग्रंथि में प्राकृतिक रूप से निर्मित एक हार्मोन है। जैसे ही रात का समय आता है, नींद की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मेलाटोनिन का स्राव होता है।
अनुसंधान से पता चलता है कि मेलाटोनिन लेने से सोने के अनियमित क्रम से प्रभावित लोगों के लिए कुल नींद का समय बढ़ाने, जेट लैग से जुड़ी थकान से राहत दिलाने, शरीर के सोने-जागने के चक्र को रीसेट करने में मदद मिल सकती है, और विलंबित स्लीप फेज सिंड्रोम से जूझते लोगों के लिए नींद की अवस्था में जाने में लगने वाला समय कम हो जाता है। यदि संभव हो तो, अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में मेलाटोनिन जोड़ने से पहले किसी भी संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
इसके अतिरिक्त, एक अध्ययन से पता चलता है कि सोने के लिए बिस्तर पर जाने के 90 मिनट पहले गर्म पानी से स्नान करने से लोगों को जल्दी नींद आने में मदद मिल सकती है।एप्समलवण, जिसमें प्राकृतिक रूप सेमैग्नीशियमहोता है, जब नहाने के पानी में मिलाया जाता है, तो इससे और विश्रांति मिल सकती है।
4. तनाव से निपटना
तनाव कई तरीकों से हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकता है। एक स्वीडिश अध्ययन में पाया गया कि एक तनावपूर्ण काम के माहौल की वजह से कामकाजी लोगों में अनिद्रा की दर बढ़ सकती है। यह अनुमान है कि 43% लोगों के स्वास्थ्य पर तनाव का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
तनाव हमारी एड्रिनल ग्रंथियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो हमारे गुर्दे के शीर्ष पर स्थित छोटी ग्रंथियाँ होती हैं। वे कोर्टिसोल का स्राव करती हैं, जो हमारा सामना करो या भागो (फ़ाइट ऑर फ़्लाइट) हार्मोन है। लगातार तनाव से वजन बढ़ने, नींद की समस्या, हृदय रोग और मूड संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
एक स्वस्थ आहार का सेवन, नियमित रूप से व्यायाम और पर्याप्त नींद सभी तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।अडेप्टोजेनिकजड़ी बूटी भी तनाव प्रतिक्रिया को विनियमित करने में उपयोगी हो सकती है और संभवतः समग्र रूप से सुकून का अहसास प्रदान करती है। 2014 के एक अध्ययन से पता चलता है किअश्वगंधा, एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी, समग्र तनाव और चिंता को कम करने में उपयोगी हो सकती है। कई अध्ययनों के अनुसारसाइबेरियाई जिनसेंग,तुलसी,रोडियोला, औरशिज़ेंड्रासहित अन्य अडेप्टोजेनिक जड़ी-बूटियाँ तनाव को कम करने में भी प्रभावी हो सकती हैं।
5. स्वच्छता संबंधी स्वास्थ्यकारक आदतों को अपनाएं
हाल की महामारी ने हम में से अधिकांश को अपनी दैनिक स्वच्छता से जुड़ी आदतों को लेकर अधिक जागरूक बना दिया है। लॉकडाउन के हटते ही अपने इष्टतम स्वास्थ्य को बनाए रखने हेतु दैनिक स्वच्छता की इन आदतों पर टिके रहने का यह अहम वक्त है।
अपने हाथों को साफ़ रखना दैनिक स्वच्छता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत है जिसका उपयोग बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद करने के लिए किया जा सकता है। हमारी त्वचा से मलबे और रोगाणुओं को हटाने के लिए साबुन से हाथ धोना अकेले पानी का उपयोग करने से अधिक प्रभावी पाया गया है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि प्रति दिन सामान्य रूप से 6-10 बार हाथ धोना एक संक्रामक बीमारी के फैलने के जोखिम को कम कर सकती है। इष्टतम प्रभावशीलता के लिए, उचित हैंडवाशिंग शिष्टाचार का पालन करना महत्वपूर्ण है।
ठीक से हाथों को धोने के तरीकों को नीचे बताया गया है:
- गर्म पानी का उपयोग करें और अपने हाथों को अच्छी तरह से गीला करें।
- भरपूर मात्रा मेंसाबुनका उपयोग करें और बहुत अच्छी तरह से झाग आने तक रगड़ें।
- 20 सेकंड तक रगड़ते हुए, अपनी अंगुलियों के बीच में, हथेलियों के आगे पीछे और नाखूनों के नीचे, कलाईयों और कोहनियों तक को धोना सुनिश्चित करें।
- साफ़, बहते पानी के नीचे अच्छी तरह से धोएँ। अपने हाथों को आपस में मलें।
- एक कागज का तौलिया, साफ़ तौलिया या एक एयर ड्रायर की मदद से अपने हाथों को सुखाएं।
- फिर से संदूषण को रोकने हेतु नल बंद करने के लिए एक कागज के तौलिए का उपयोग करें।
हालांकि हाथ धोने के लिए प्रतिस्थापन के तौर पर नहीं, लेकिन जब आपके हाथ धोने के लिए कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है या जब आपके हाथ मैले नहीं दिखाई दें, तोहैंड सैनिटाइज़रका उपयोग एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। हैंड सैनिटाइज़र आमतौर पर जैल, वाइप या टोवेलेट के रूप में आता है। हैंड सैनिटाइज़र जिसमें 60-95% इथेनॉल या आइसोप्रोपिल एल्कोहॉल की मात्रा होती है, कीटाणुओं को मारने में अधिक प्रभावी हो सकता है।
एल्कोहॉल मौजूद होने के कारण, हैंड सैनिटाइज़र के बार-बार इस्तेमाल से हाथ में खुश्की बढ़ सकती है, जोहैंड लोशनके इस्तेमाल से कम हो सकती है।
लॉकडाउन से प्रतिबंध हटने के बाद दुनिया भर के 50 से अधिक देशफ़ेस मास्कअनिवार्य कर रहे हैं। ऐसे स्थान जहाँ फेसमास्क पहनना अनिवार्य नहीं है, वहाँ विश्व स्वास्थ्य संगठन सिफ़ारिश करता है कि जो भी व्यक्ति अस्वस्थ महसूस कर रहा है उसे कीटाणुओं के प्रसार को रोकने में मदद करने के लिए फेस मास्क पहनना है।
हमारे समग्र स्वास्थ्य और सलामती में कई अवयवों का योगदान होता है। स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप एक साथ इन स्वस्थ आदतों को अपना रहे हैं और इनका अभ्यास कर रहे हैं।"
संदर्भ:
- टोड, जे, मैनिनो, एल. ईटिंग आउट इनक्रीस डेली कैलोरी इनटेक June 1, 2010. https://www.ers.usda.gov/amber-waves/2010/june/eating-out-increases-daily-calorie-intake/. 6.19.2020 को एक्सेस किया गया।
- साइंसनॉर्डिक. व्हाय गट बैक्टीरिया आर एसेंशियल फॉर ए हेल्थी इम्यून सिस्टम मार्च 29, 2008. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- हेमैन, एम, ग्रीनवे, एफ,ए हेल्थी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल माइक्रोबीयोम इज़ डिपेंडेंट ऑन डाइटरी डायवर्सिटी. Mol Metab. 2016 Mar 5;5(5):317-320. doi: 10.1016/j.molmet.2016.02.005. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- ज़ैंटेसन, एल. गट हेल्थ एंड इम्यूनिटी – इट्स ऑल अबाउट द गुड बैक्टीरिया दैट कैन हेल्प फाइट डिसीसिस। जून 2012. 6/17/2020 को एक्सेस किया गया।
- माल्डोनैडो, जी, कैज़ोरला, एस, डुमिट, एल, ई. वी, पी, जी. बेनिफिशियल इफेक्ट ऑफ प्रोबायोटिक्स कन्सम्प्शन ऑन द इम्यून सिस्टम Ann Nutr Metab. 2019;74:115-124. 6/16/2020 को एक्सेस किया गया।
- यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन। बेनिफिट ऑफ एक्सरसाइज 6/17/2020 को एक्सेस किया गया।
- आउटलॉ, जे, विल्बोर्न, सी, स्मिथ-रयान, ए, हेवर्ड, एस, अर्बीना, एस, टेलर, एल, फोस्टर, सी।अक्यूट इफेक्ट ऑफ कमर्शियली अवेलेबल प्री वर्कआउट सप्लीमेंट ऑन मार्कर्स ऑफ ट्रेनिंग: ए डबल-ब्लाइंड स्टडी। 2020/06/17।
- एंटोनियो, जे, सिस्कोन, वी।Tद इफेक्ट ऑफ प्री वर्सेस पोस्ट वर्कआउट सप्लीमेंटेशन आफ क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट ऑन बॉडी कंपोजिशन एंड स्ट्रैंथJ Int Soc Sports Nutr. 2013 अगस्त 6; 10: 36। 2020/06/17।
- नील्सन, एच.जी. एक्सरसाइज एंड इम्यूनिटी मई 13, 2013. doi: 10.5772/54681
- खुल्लर, ए एमडी. द रोल ऑफ मेलाटोनिन इन द सर्केडियन रिदम स्लीप-वेक साइकल। जुलाई 9, 2012. 6/17/2020 को एक्सेस किया गया।
- रोजर्स, डॉ. ए. स्लीप एंड हेल्थ 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- कोस्टेलो, आर. लेंटिनो सी, बॉयड, सी, ओ'कोनेल, एम, क्रॉफोर्ड, सी, स्प्रेंगेल, एम, डस्टर, पी.द इफेक्टिवनेस ऑफ मेलाटोनिन फॉर प्रमोटिंग हेल्थी स्लीप: ए रैपिड एविडेन्स असेसमेंट ऑफ द लिटरेचरNutr J. 2014; 13:106. 6/16/2020 को एक्सेस किया गया।
- लिन्स्टन, एस.डज़ वर्क स्ट्रेस प्रिडिक्ट इनसोम्निया? ए प्रोस्पेक्टिव स्टडी। ब्र जे हेल्थ Psychol. 2004 May;9 (Pt2):127-36. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- कैनेडियन सेंटर फॉर ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी. OSH ऐन्सर्ज़ फ़ैक्ट शीट फ़रवरी 13, 2020. 6/17/2020 को एक्सेस किया गया।
- रॉबिन्सन, डॉ. जे. द इ इफेक्ट्स ऑफ स्ट्रेस ऑन योर बॉडी दिसंबर 10, 2017. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- मायो क्लिनीक क्रॉनिक स्ट्रेस पुट्स योर हेल्थ ऐट रिस्क 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- प्रेट, एम, नानावती, के, यंग, वी, मॉर्ले।कैन अल्टरनेटिव ट्रीटमेंट फॉर एंग्जाइटी: ए सिस्टमैटिक रिव्यू ऑफ ह्यूमन ट्रायल रिजल्ट रिपोर्टेड फ़ॉर द आयुर्वेदिक हर्ब अश्वगंधा जे वैकल्पिक पूरक Med. 2014 Dec 1; 20(12): 901-908. 6/16/2020 को एक्सेस किया गया।
- हघयघ, एस, खोशविस, एस, स्मोलेंस्की, एम, डिलर, के, कैस्ट्रिअन, आर बिफोर बेडटाइम पैसिव बॉडी हिटिंग बाय वॉर्म शावर ओर बाथ टू इंप्रूव स्लीप: ए सिस्टमैटिक रिव्यू एंड मेटा-एनालिसिस. स्लीप मेडिसिन रिव्यूज़. Volume 46, अगस्त 2019, Pages 124-135. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन।हैंड वॉशिंग 6-10 टाइम अ डे लिंक्ड टू लोवर इन्फेक्शन रिस्क. मई 22, 2020.
- सेंटर्ज़ फॉर डिजीज कंट्रोल. हैंडवॉशिंग: क्लीन हैंड्ज़ सेव्स लाइव्ज. मार्च 4, 2020. 6/18/2020 को एक्सेस किया गया।
- रेनॉल्ड्स, एस, लेवी एफ, वॉकर ई।हैंड सेनिटाइज़र अलर्ट।. Emerg Infect Dis. 2006 मार्च; 12(3): 527-529. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
- विच कंट्रीस हैव मेड वेयरिंग फेस मास्क कंपलसरी? जून 3, 2020. 6/19/2020 को एक्सेस किया गया।
अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।