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पॉलीफेनॉल्स से युक्त पौधों की स्वास्थ्यवर्धक शक्ति का लाभ उठाएं

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शायद आपको याद नहीं है, लेकिन आपने पॉलीफेनॉल्स के बारे में पहले कभी जरूर सुना होगा। नवीनतम सुपरफूड्स से संबंधित समाचार रिपोर्टों में उनके बारे में नियमित रूप से लिखा जाता है। रेड वाइन और डार्क चॉकलेट को उनमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स के कारण ही "आपके लिए अच्छा" होने के लिए सराहा जाता है।

लेकिन इससे पहले कि आप समाचारों में खलबली मचाने वाले सुपरफूड्स को खरीदने निकलें, इस बारे में अधिक जानने के लिए सुर्खियों के पीछे जाएं कि पॉलीफेनॉल्स क्या हैं, वे कहाँ मिलते हैं, और वे आपके लिए क्या कर सकते हैं।

यहाँ पेश है इसकी जानकारी।

पॉलीफेनॉल्स क्या हैं?

पॉलीफेनॉल्स प्राकृतिक रूप से मिलने वाले यौगिक हैं जो वनस्पति खाद्य पदार्थों जैसे बीजों, फलों, मसालों, फलियों, और सब्ज़ियों में पाए जाते हैं। पौधों को अपना रंग इन यौगिकों से मिलता है और ये एक सुरक्षात्मक भूमिका निभाते हैं-- ये विनाशकारी कीटों, संक्रमणों, विषैले रसायनों, और पराबैंगनी विकिरण से उनकी रक्षा करते हैं। पॉलीफेनॉल्स ऑक्सीकारक तनाव (जो पौधे की सामान्य रसायनिक प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हानिकारक उपोत्पादों का प्रभाव है) से पौधे की रक्षा करने में भी मदद करते हैं।

पॉलीफेनॉल्स के प्रकार

पॉलीफेनॉल्स को उनकी रसायनिक संरचना के आधार पर चार वर्गों में समूहबद्ध किया गया है।

फेनॉलिक एसिड

ये यौगिक वनस्पति खाद्य पदार्थों में बहुतायत से पाए जाते हैं और आपकी आँत की भित्ति के माध्यम से आसानी से अवशोषित होते हैं। चाय, मक्का, दाने, बेर, अंगूर, बेरी, रेड वाइन, किवी फल, आलू बुखारा, सेब, और चेरी, इन सब में फेनॉलिक एसिड होते हैं।

स्टिलबीन्स 

पौधों द्वारा आम तौर पर केवल संक्रमण या चोट की प्रतिक्रिया में संश्लेषित, इस वर्ग के पॉलीफेनॉल्स मनुष्य के आहार में सामान्य तौर पर नहीं पाए जाते हैं। सबसे प्रसिद्ध स्टिलबीन्स में से एक है रेसवेराट्रॉल जो लाल अंगूर, मूंगफली और कुछ बेरियों में अधिक मात्रा में होता है। अंगूर में रेसवेराट्रॉल मुख्य तौर पर उसके छिलके में होता है। क्योंकि रेड वाइन को सफेद वाइन की तुलना में अंगूर के छिलकों के साथ अधिक देर तक किण्वित किया जाता है, इसलिए उसमें अधिक रेसवेराट्रॉल होता है।

लिग्नैन्स

लिग्नैन्स के खाद्य स्रोतों में शामिल हैं, फल, दानेशैवाल, फलियाँ, अनाज, और कुछ सब्ज़ियाँ। लिग्नैन्स का सबसे प्रचुर स्रोत है अलसी। यदि आप लिग्नैन्स को किसी आहार पूरक में नहीं लेते हैं तो खाने में उसका सेवन अधिक मात्रा में करना कठिन हो सकता है। कुछ लिग्नैन्स फाइटोएस्ट्रोजेन होते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजेन की तरह काम करने वाले वनस्पति पर आधारित यौगिक हैं।

फ्लेवोनॉइड्स

फ्लेवोनॉइड्स फलों, पत्तों, फूलों, और सब्ज़ियों को चमकीले रंग प्रदान करने वाले वनस्पति यौगिक हैं। वनस्पति खाद्य पदार्थों में पहचाने गए 8,000 पॉलीफेनॉल्स में से, 4,000 फ्लेवोनॉइड वर्ग के हैं।

फ्लेवोनॉइड की 6 श्रेणियाँ 

इनके अनेकों प्रकारों के कारण, फ्लेवॉनॉइड्स को छह उप-वर्गों में बाँटा गया है:

  1. फ्लेवोनॉल्स को उनके एंटीऑक्सीडैंट गुणों के लिए जाना जाता है। एंटीऑक्सीडैंट एक रसायनिक यौगिक है जो फ्री रैडिकल्स (शरीर द्वारा भोजन को विघटित करने या विकिरण या सिगरेट के धुँए जैसे प्रदूषकों के संपर्क में आने पर उपोत्पादों के रूप में बनने वाले अणु) के हानिकारक प्रभावों से कोशिकाओं की रक्षा करता है। आम तौर पर फलों और सब्ज़ियों के छिलकों में पाए जाने वाले, फ्लेवोनॉल्स का मुख्य काम पौधों की पराबैंगनी विकिरण से रक्षा करना है। क्वेरसेटिन इस उप-श्रेणी से संबंधित एक आम फ्लेवोनॉइड है। खाद्य स्रोतों में शामिल हैं चाय, गोभी, अंगूर, बेरियाँ, प्याज, सेब, सलाद पत्ता, और टमाटर।
  2. फ्लेवोन्स प्राकृतिक कीटनाशकों का काम करते हैं और पत्तों को हानिकारक कीटों से बचाते हैं। माना जाता है कि ये यौगिक संकुचित रक्त वाहिकाओं को शिथिल करने में भूमिका निभाते हैं। आहार स्रोतों में रेड वाइन, फलों के छिलके (टमाटर सहित), बकव्हीट (फाफरा), और लाल मिर्च शामिल हैं।
  3. फ्लेवोनोन्स में शोथरोधी गुण होते हैं। वे मोसंबी, नींबू, संतरे, और चकोतरे में पाए जाते हैं।
  4. फ्लैवैनॉल्स (ये फ्लेवोनॉल्स नहीं हैं) आम तौर पर कैटेचिन्स के नाम से जाने जाते हैं। खाद्य स्रोतों में शामिल हैं कोको, अंगूर, लीची, काली चायहरी चाय, और स्ट्राबेरी।
  5. एंथोसायानिन्स लाल, नीले, और बैंगनी पौधों को रंग प्रदान करते हैं। वे मुख्य तौर पर बेरियों, (क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, स्ट्राबेरी, ब्लैकबेरी), लाल या बैंगनी अंगूर के छिलके, और रेड वाइन में पाए जाते हैं।
  6. आइसोफ्लेवोन्स आपके शरीर में एस्ट्रोजेन स्तरों को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। रसायनिक रचना में एस्ट्रोजेन के समान, आइसोफ्लेवोन्स न केवल कम एस्ट्रोजेन स्तरों को बढ़ाते हैं, बल्कि वे उच्च स्तरों पर विकास को भी अवरुद्ध कर सकते हैं। इनका प्राथमिक आहार स्रोत फलियाँ हैं जैसे सोयाबीन्स, मूंगफली, चने, और फेवा बीन्स.

स्वास्थ्य के लिए पॉलीफेनॉल्स के लाभ

प्रतीत होता है कि पॉलीफेनॉल्स को खाने से शरीर में एक प्रतिक्रिया प्रेरित होती है जो कुछ मात्रा में तनाव के प्रति प्रतिरोध और कोशिकीय सुरक्षा उत्पन्न करती है। पॉलीफेनॉल यौगिक यह काम अपने एंटीऑक्सीडैंट और शोथरोधी गुणों के जरिये पूरा करते हैं। इसलिए, जबकि पौधे अपने स्वास्थ्य की रक्षा और संरक्षण करने के लिए पॉलीफेनॉल्स का उपयोग करते हैं, आप इन्हीं यौगिकों का सेवन अपने स्वयं के स्वास्थ्य के फायदे के लिए कर सकते हैं। यहाँ प्रस्तुत हैं पॉलीफेनॉल्स के कुछ स्वास्थ्य के लिए संभावित लाभ।

1. रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है

पॉलीफेनॉल्स क्वेरसेटिनरेसवेराट्रॉल, और फेरूलिक एसिड की तरह रक्त शर्करा को विभिन्न तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें आँतों में ग्लूकोज (शर्करा) के अवशोषण या समूचे शरीर में अन्यत्र इसके उद्ग्रहण को अवरुद्ध करना शामिल है।

  • प्याज में मौजूद पॉलीफेनॉल्स, खास तौर पर क्वेरसेटिन को, एक शक्तिशाली मधुमेह-रोधी प्रभाव दर्शाते पाया गया है।
  • फेरूलिक एसिड, जो सब्ज़ियों और मक्के की भूसी में बहुतायत से पाया जाने वाला एक पॉलीफेनॉल है, को ग्लूकोज के उद्ग्रहण को बढ़ाते दर्शाया गया है, और मधुमेहरोधी दवाओं के असर को बढ़ा सकता है।
  • प्रभावी इंसुलिन का अभाव मधुमेद के विकास में मुख्य भूमिका निभाता है, और रेसवेराट्रॉल इंसुलिन के स्राव को घटा सकता है तथा इंसुलिन प्रतिरोध के आरंभ को विलम्बित कर सकता है। रेसवेराट्रॉल पर किया गया शोध भी इसकी गुर्दे में मधुमेह से होने वाले परिवर्तनों (एक अवस्था जिसे मधुमेहजन्य नेफ्रोपैथी कहते हैं) को रोकने की क्षमता को प्रकट करता है।

2. हृदय के लिए स्वास्थ्यप्रद

पॉलीफेनॉल से प्रचुर आहार हृदय को सुरक्षित करने में मदद कर सकता है। पॉलीफेनॉल्स फ्री रैडिकल्स द्वारा पहुंचाए जाने वाली क्षति से कोलेस्ट्रॉल के अणुओं को बचाने में मदद करते हैं। इस क्षति को रोककर, पॉलीफेनॉल्स एथेरोस्क्लेरोसिस (एक अवस्था जिसमें आपकी धमनियों में प्लाक जमा होते हैं) का निवारण कर सकते हैं। शोथ कम करना और बिंबाणुओं (वे कोशिकाएं जो आपस में चिपक कर खून का थक्का बनाती हैं) के विरुद्ध काम करना कुछ अन्य तरीके हैं जिनसे पॉलीफेनॉल्स आपके हृदयवाहिकीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

  • क्वेरसेटिन पर किया गया शोध दर्शाता है कि वह एथेरोस्क्लेरोसिस के प्लाकों को फूटने से रोक सकता है जो कि खून के थक्के बनने से पहले होता है।
  • चाय में पाए जाने वाले कैटेचिन्स को धमनी की भित्तियों की कोशिकाओं में परिवर्तन का प्रतिरोध करते दर्शाया गया है, जिससे प्लाक के निर्माण की प्रक्रिया संभवतः मंद हो जाती है।
  • कैटेचिन्स के बारे में डार्क चॉकलेट में किए गए अध्ययनों ने दर्शाया है कि ये पॉलीफेनॉल्स एचडीएल ("अच्छा" कोलेस्ट्रॉल) के स्तरों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • शोध से पता चला है कि रेसवेराट्रॉल जो रेड वाइन या अंगूर में पाया जाता है, बिंबाणुओं को खून का थक्का बनाने के लिए जमा होने से रोक सकता है। रेड वाइन या अंगूर के रस का सेवन करके कोरोनरी धमनी के संकुचन, जिससे अवरोध बन सकता है, का भी निवारण किया जा सकता है।

3. एंटीऑक्सीडैंट और शोथरोधी गुण

शोध ने दर्शाया है कि पॉलीफेनॉल्स, खास तौर पर रेसवेराट्रॉल, उनके एंटीऑक्सीडैंट गुणों के कारण कैंसर-रोधी प्रभावों से युक्त हो सकते हैं। रेसवेराट्रॉल शोथ से लड़ने में भी मदद कर सकता है।

4. मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है

पॉलीफेनॉल्स रक्त-मस्तिष्क बैरियर, जो मस्तिष्क में पदार्थों के प्रवेश को नियंत्रित करता है, को पार करने की अपनी क्षमता के कारण मस्तिष्क पर सुरक्षात्मक क्रिया कर सकते हैं।

  • शोध ने दर्शाया है कि पॉलीफेनॉल्स अलज़ाइमर्स रोग के आरंभ को विलम्बित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं।
  • अध्ययनों से पता चला है कि मकई की भूसी में मौजूद फेरूलिक एसिड अपने एंटीऑक्सीडैंट और शोथरोधी गुणों के कारण अलज़ाइमर्स रोग में लाभदायक हो सकता है।
  • केटेचिन्स को एंटीऑक्सीडैंट गतिविधि के कारण पार्किंसंस रोग के इलाज में उपचारात्मक भूमिका से युक्त दर्शाया गया है।

5. हड्डी के स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करता है

शोध लगातार दर्शा रहा है कि पॉलीफेनॉल्स हड्डी के खनिज घनत्व में कमी, जिसके कारण ऑस्टियोपोरोसिस (हड्‍डियों की कमज़ोरी) होती है, को मंद करने में मदद कर सकते हैं। जेनिस्टाइन और डैडज़ाइन पर किए गए एक अध्ययन ने सुझाया है कि इन आइसोफ्लेवोनोन्स का अनुपूरण, जो फलियों में बहुतायत से मिलते हैं, हड्डी की हानि की रोकथाम में योगदान कर सकता है।

आपके आहार में विभिन्न प्रकार के पॉलीफेनॉल्स का सेवन—भोजन या पूरक के रूप में, या दोनों के संयोजन में—करना आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुछ तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का आपका जोखिम कम करने का एक शानदार तरीका है।

अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।