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बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के लिए 8 सर्वश्रेष्ठ पूरक

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स्वस्थ प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिजों से भरपूर एक अच्छा संतुलित पौष्टिक आहार एक स्वस्थ बच्चे के बढ़ने के लिए जरूरी सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक होता है। लम्बे काल तक पोषक तत्वों की कमी, विशेष रूप से बचपन के दौरान, पुरानी, दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। 

पोषक तत्वों की कमी लगातार कम पोषक तत्व युक्त खाद्य पदार्थों को खाने से या पोषक तत्वों के कुअवशोषण से हो सकती है। ऐसी पोषक आहार संबंधी कमियों की पूर्ति करने हेतु सहायता करने के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका ने खाद्य फोर्टीफिकेशन की शुरुआत की - जिसमें 1920 के दशक में सूक्ष्म पोषक तत्वों को आहार स्टेपल में जोड़ने का अभ्यास शामिल था1. 2020 तक, अब 83 देशों को आटे, मक्का और चावल से संबंधित खाद्य पदार्थों के फोर्टीफिकेशन की आवश्यकता होती है। अभी भी, दुनिया भर में 60 प्रतिशत बच्चे फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं।

फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के उदाहरणों में शामिल हैं:

  • आयोडीन युक्तनमकगोइटर (गर्दन में सूजन) को रोकने में मदद करने के लिए
  • रिकेट्स (कमजोर हड्डियों)की रोकथाम के लिए दूध में विटामिन डीमिलाया जाता है
  • बी विटामिन, जैसे थायमिन, आटा उत्पादों में मिलाए जाते हैं

बच्चों में पोषण की कमी संबंधी सामान्य रोग2

  • आयरनकी कमी – एनीमिया
  • विटामिन डीकी कमी - रिकेट्स,कम वृद्धि
  • आयोडीनकी कमी - गोइटर, मानसिक विकास में देरी
  • विटामिन सीकी कमी - स्कर्वी, चोट लगना
  • कैल्शियमकी कमी - रिकेट्स और कमजोर हड्डियां (कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है)
  • बायोटिनकी कमी - आमतौर पर यह एक आनुवंशिक विकार से जुड़ा होता है
  • विटामिन एकी कमी - रतौंधी, संक्रमण के लिए संवेदनशीलता, विकास में देरी
  • विटामिन बी12की कमी - एनीमिया
  • जिंककी कमी - विकास मंदता, बिगड़ी हुई प्रतिरक्षा प्रणाली

बच्चों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व निम्नलिखित हैं।

‌‌‌‌1. आयरन

आयरनकी कमीदुनिया भर के बच्चों में सबसे आम पोषण संबंधी कमियों में से एक है, जो 30 से 40 प्रतिशत तक प्रभावित करती है3। स्तनपान कराने वाले शिशुओं में, आयरन की कमी असामान्य है जब तक कि माँ में भी आयरन की कमी न हो। 12 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चे जो प्रतिदिन 24 औंस से ज्यादा गाय का दूध पीते हैं, उनमें आयरन की कमी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा संभावित रूप से दूध के कारण आंतों में जलन की वजह से होता है, जिसके परिणामस्वरूप लम्बे काल तक रक्त की हानि की समस्या होती है।

आयरन की कमी के लक्षणों में थकान, पीलापन, बर्फ खाने की इच्छा, नाखून टूटना, चक्कर आना और सांस की तकलीफ शामिल हैं।

आयरन के खाद्य स्रोतों में शामिल हैं:

‌‌‌‌2. विटामिन डी

बच्चों मेंविटामिन डीकी कमी आम है, जो 60 से 70 प्रतिशत तक जाँची गई आबादी को प्रभावित करती है। यह विशेष रूप से सर्दियों और वसंत के महीनों के दौरान सूर्य के प्रकाश के संपर्क में कम होने के कारण आम है। परंपरागत रूप से, विटामिन डी के गंभीर रूप से निम्न स्तर रिकेट्स से जुड़े होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पैरों के गंभीर रूप से मुड़ने की समस्या होती है। विटामिन डी के निम्न स्तर से हड्डियों में दर्द (ऑस्टियोमलेशिया और दर्द में बढ़त), कम विकास, सोरायसिस और ऊपरी श्वसन संक्रमण से जुड़े जोखिम में वृद्धि हो सकती है।

गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों में विटामिन डी की कमी होने का खतरा अधिक होता है, तब भी जब धूप में पर्याप्त समय व्यतीत किया जाता है। मेलेनिन, एक प्रकार का प्रोटीन जो कि रंजकता या पिग्मेंटेशन के परिणामस्वरूप "प्राकृतिक सनस्क्रीन," के रूप में कार्य करता है, जो त्वचा को विटामिन डी बनाने के लिए आवश्यक पराबैंगनी प्रकाश (यूवी-लाइट) को अवरुद्ध करता है।

बचपन में मोटापा, जो अधिक आम होता जा रहा है, विटामिन डी की कमी के लिए भी एक खतरे की घंटी है।

स्तनपान को आमतौर पर विटामिन डी का एक खराब स्रोत माना जाता है, हालांकि, यह केवल इसलिए है क्योंकि ज्यादातर स्तनपान कराने वाली माताओं में भी इसकी कमी होती है। अधिकांश स्तनपान कराने वाली माताओं को प्रतिदिन कम से कम 6,000 IU विटामिन डी की आवश्यकता होती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका दूध इससे भरा हो। गर्भवती महिलाएं अक्सर प्रति दिन 2,000-5,000 IU विटामिन डी पूरक के तौर पर भी लेती हैं।

कई बाल रोग विशेषज्ञ जीवन के पहले वर्ष के दौरान शिशुओं को विटामिन डी पूरक के तौर पर लेने की सलाह देते हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंजीनियरिंग और मेडिसिन के अनुसार 600 IU (लेकिन 1,000 IU से अधिक नहीं) प्रतिदिन दिए जा सकते हैं। उनका सुझाव है कि बच्चों के लिए सुरक्षित ऊपरी सीमा उम्र पर निर्भर करती है।

  • 1 से 3 साल की उम्र के बच्चे - 2,500 IU प्रतिदिन अधिकतम
  • 4 से 8 साल की उम्र के बच्चे - 3,500 IU प्रतिदिन अधिकतम
  • 9 साल तथा उससे बड़ी उम्र के बच्चे – 4,000 IU प्रतिदिन अधिकतम तक सीमित

एंडोक्राइन सोसाइटी 12 महीने तक के शिशुओं को 2,000 IU की ऊपरी सीमा की सिफारिश करते हुए बच्चों के लिए एक उच्च खुराक सीमा का सुझाव देती है। 1 वर्ष से अधिक आयु वाले बच्चों के लिए, वे 4,000 IU तक की दैनिक खुराक से सहमत हैं।

यदि आपको कोई सवाल पूछना है, तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें। विटामिन डी तरल ड्राप्स, गमीज़ फ़ॉर्म्युलेशन और कैप्सूल में उपलब्ध है।

‌‌‌‌3. आयोडीन

आयोडीनन केवल थाइरॉइड के स्वास्थ्य के लिए बल्कि प्रजनन प्रणाली और मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। मुख्य रूप से, दुनिया भर के विभिन्न स्थानों की मिट्टी में आयोडीन की कम मात्रा के कारण यह ज़्यादातर सामान्य कमियों में से एक कमी है। तुर्की के 2004 के एक अध्ययन 4 से पता चला है कि 46 प्रतिशत स्कूली बच्चों में इसकी कमी थी।

आयोडीन के खाद्य स्रोत

यदि आप चिंतित हैं कि आपके बच्चे को भोजन के माध्यम से पर्याप्त आयोडीन नहीं मिल रहा है, तो एक पूरक पर विचार किया जा सकता है। अधिकांश बच्चों के लिए,मल्टीविटामिनमें मौजूद आयोडीन की मात्रा पर्याप्त होती है जब तक कि आपके बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा उच्च खुराक की सिफारिश नहीं की जाती है। सुझाई गई खुराक: लेबल पर सुझाए अनुसार।

‌‌‌‌4. विटामिन सी

2004 के एक अध्ययन5के अनुसार, 14 प्रतिशत पुरुषों और 10 प्रतिशत महिलाओं में विटामिन सी की कमी थी। इसमें बच्चे शामिल हैं - 12 से 17 वर्ष के 6 प्रतिशत बच्चों मेंविटामिन सीका निम्न स्तर है। बच्चों के शारीरिक विकास के दौरान मसूड़ों से खून आना, आसानी से चोट लगना, और धीमी गति से घाव भरने के साथ ही कमजोर हड्डियाँ इस कमी के गंभीर परिणाम हैं जो लंबे समय तक परेशानी के रूप में मौजूद होते हैं। लेकिन सौभाग्य से विटामिन सी कई आम खाद्य पदार्थों में उपलब्ध है जिनका कई बच्चे आनंद से सेवन करते हैं।

विटामिन सी के फल-स्रोत

  • ऐसरोला चेरी
  • ऐवकाडो
  • अमरूद
  • पपीता
  • आम
  • संतरे
  • अनानास
  • खरबूजा
  • कीवी
  • स्ट्रॉबेरीज

विटामिन सी के सब्ज़ी-स्रोत

  • शिमला मिर्च
  • बोक चोय
  • ब्रॉकली
  • पत्तागोभी
  • केल
  • ब्रसल स्प्राउट
  • आलू

यदि आहार के माध्यम से पर्याप्त विटामिन सी का सेवन संभव नहीं है, तो पूरक पर विचार करना चाहिएगमी फ़ॉर्म्युलेशनबच्चों में लोकप्रिय हैं, साथ ही कैप्सूल और पाउडर पूरक भी उपलब्ध हैं। अधिकांश बच्चों को प्रति दिन 250 मिलीग्राम से ज्यादा की आवश्यकता नहीं होती है, हालांकि 12 वर्ष से बड़े बच्चे सुरक्षित रूप से प्रति दिन 500 मिलीग्राम ले सकते हैं।

‌‌‌‌5. मल्टीविटामिन

बच्चों के लिए मल्टीविटामिनयह सुनिश्चित करने का एक शानदार तरीका है कि कम से कमन्यूनतम मात्रा में विभिन्न विटामिन और खनिजों का सेवन किया जा रहा है। एक गुणवत्ता वाले मल्टीविटामिन में कैल्शियम, बायोटिन, विटामिन ए, विटामिन ई, जस्ता, और बहुत कुछ शामिल हैं। बाल चिकित्सा मल्टीविटामिन तरल, गमीज़, या कैप्सूल फ़ॉर्म्युलेशन में आते हैं।

‌‌‌‌6. मेलाटोनिन

नींद न आना वयस्कों के लिए कोई नई बात नहीं है, और इस परेशानी से बच्चे भी प्रभावित हो सकते हैं। एक अध्ययन6से पता चला कि 4 प्रतिशत (25 में से 1) बच्चों में नींद की समस्या है। हालांकि, दवा इसके इलाज का आदर्श तरीका नहीं है क्योंकि जहां तक संभव हो बच्चों के लिए पर्चे की दवाओं से बचना महत्वपूर्ण है। यदि आपके बच्चे को नींद आने में कठिनाई होती है, तो मूल कारण का मूल्यांकन करना आवश्यक है — किसी भी उम्र में नींद की खराब गुणवत्ता के सामान्य कारणों में चिंता, अवसाद, एलर्जी या स्लीप एपनिया जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हो सकती हैं। एक बार जब इन संभावनाओं का मूल्यांकन कर लिया जाता है, तो 1 से 3 मिलीग्राममेलाटोनिन, एक प्राकृतिक हार्मोन जो नींद चक्र के लिए सहायक है, पर विचार किया जा सकता है। सोने से लगभग दो घंटे पहले मेलाटोनिन लेना चाहिए। बच्चों के लिए तरल, चबाने लायक और गमीज़ फ़ॉर्म्युलेशन शामिल हैं।

‌‌‌‌7. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स

ओमेगा -3 फैटी एसिडछोटे बच्चों के बढ़ते दिमाग के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, दुनिया भर में कई जगहों पर, बच्चे आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों की उतनी मात्रा नहीं खाते हैं जितनी उन्हें खानी चाहिए। यह विलंबित विकास, त्वचा-संबंधी समस्या और तंत्रिका संबंधी परेशानियों का कारण बन सकता है।

ओमेगा -3 फैटी एसिड में शामिल हैं:

  • अल्फा-लिनोलेनिक एसिड(ALA, एक ओमेगा 3 फैटी एसिड), जोअलसी, अखरोट, सोया,चिया सीड्सऔरहेम्प सीड्समें पाया जा सकता है।
  • इकोसापैनटोइनिक एसिड (EPA या आइकोसापैनटोइनिक एसिड), जो आमतौर परमछली के तेल,क्रिल तेलऔर अंडे (यदि मुर्गियों को EPA खिलाया जाता है) में पाया जाता है।
  • डोकोसैक्सिनोइक एसिड (DHA, एक ओमेगा -3 फैटी एसिड), मानव मस्तिष्क, त्वचा और आँखों का एक बड़ा घटक है। हालांकि यह महत्वपूर्ण, इसे "आवश्यक" नहीं माना जाता है क्योंकि यह शरीर द्वारा निर्मित किया जा सकता है, जब शरीर में पर्याप्त मात्रा मेंअल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA)हो।

ओमेगा -3 फैटी एसिड निम्नलिखित के लिए लाभदायक हो सकता है:

  • ADHD - 2016 के एक अध्ययन7से पता चला कि ओमेगा -3 फैटी एसिड ADHD लक्षणों वाले लोगों के इलाज में फायदेमंद हो सकता है।
  • दमा -पोषण अनुसंधान समीक्षा में 2016 के एक अध्ययन8ने निष्कर्ष निकाला है कि पूरक के रूप में ओमेगा -3 मछली के तेल लेने से अस्थमा पीड़ितों को लाभ मिल सकता है, हालांकि 2016 में साइटोकाइन9में एक और अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि पूरक के रूप में ओमेगा -3 अस्थमा के प्रबंधन के लिए एक आशाजनक प्रस्ताव है।

ओमेगा -3 फैटी एसिड तरल, चबाने लायक और गमीज़ फ़ॉर्म्युलेशन उपलब्ध हैं।

‌‌‌‌8. प्रोबायोटिक्स

जबबच्चों के लिए प्रोबायोटिकचुनने की बात आती है, तो विचलित होना यह आम बात है। बाजार पर बहुत सारे अलग-अलग प्रकार और स्ट्रेंस उपलब्ध हैं। और हालांकि प्रोबायोटिक्स को लेकर हमारा ज्ञान पिछले एक दशक में काफी बढ़ा है — पिछले 10 वर्षों में इस विषय पर लगभग 20,000 वैज्ञानिक रिपोर्ट प्रकाशित की गई हैं — हम अभी भी उनकी उपयोगिता और लाभों की सीमा को समझने के शुरुआती दौर में हैं। हालांकि, उन्हें बच्चों में उपयोगी माना जाता है, और एंटीबायोटिक उपयोग के इतिहास वाले लोगों के लिए, प्रोबायोटिक्स पर दृढ़ता से विचार किया जाना चाहिए।

प्रोबायोटिक्स आमतौर पर एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ और सभी उम्र के लिए सुरक्षित माने जाते हैं यदि आपका बच्चा प्रतिरक्षा में अक्षम है या कैंसर के उपचार से गुजर रहा है, तो पूरक लेने से पहले उनके बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।

कुल मिलाकर यह अनुमान लगाया गया है कि अधिकांश लोगों के शरीर में 40 से 50 ट्रिलियन बैक्टीरिया होते हैं जो ज्यादातर आंत में होते हैं। यह अनुमानित 30 ट्रिलियन मानव कोशिकाओं10से अधिक है अधिकांश नवजात शिशु की आंत का अंकुरण जन्म के समय शुरू होती है यदि यह जन्म नली से होकर पैदा होता है। इसके अलावा, अगर स्तनपान कराया जाता है, तो माँ की त्वचा के जीवाणु सूक्ष्मजीव विविधता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।

परंपरागत रूप से, प्रोबायोटिक्स पर विचार किया जाता है और निम्नलिखित के लिए उपयोग किया जाता है:

  • पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस, या एसिड रिफ्लक्स की समस्या में मदद करते हैं
  • शिशु को उदरशूल से राहत दिलाने में मदद करता है
  • संवेदनशील आंत की बीमारी का प्रबंधन
  • क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस प्रबंधन

बच्चों और वयस्कों के लिए प्रोबायोटिक की अनुशंसित न्यूनतम खुराक आमतौर पर 5 बिलियन सीएफयू (कॉलोनी फ़ॉर्मिंग यूनिट्स) होती है। किशोर और वयस्क प्रति दिन एक या दो बार 100 बिलियन सीएफयू ले सकते हैं। प्रोबायोटिक्स कैप्सूल, चबाने लायक, पाउडर, और गमीज़ फ़ार्मूले में आते हैं। आम स्ट्रेंस में लैक्टोबैसिलस, बिफीडोबैक्टीरिया, सैक्रोमाइसेस या इसके संयोजन शामिल हैं।

सर्दी और फ्लू के लिए पूरक

खांसी, सर्दी और इन्फ्लूएंजा से बीमार होने पर कई पूरक भी उपलब्ध होते हैं जो बीमारी के लक्षणों को कम करते हुए एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं। 2012 के एक समीक्षा अध्ययन11में बच्चों के लिए वेपर रब और कुट्टू के शहद या बक्वीट हनी की सिफारिश की गई थी। संक्रमण को रोकने में मदद करने के लिए, उन्होंनेप्रोबायोटिक्स,ज़िंकसल्फेट औरखारे पानी से नाक की सिंचाईकी सिफारिश की।विटामिन सीऔरएल्डरबेरीफ़ॉर्म्युलेशन पर भी विचार किया जा सकता है।

संदर्भ:

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  5. Hampl JS, Taylor CA, Johnston CS. संयुक्त राज्य में विटामिन सी की कमी और क्षय: तीसरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण जांच सर्वेक्षण, 1988 से 1994। Am J Public Health. 2004;94(5):870‐875. doi:10.2105/ajph.94.5.870
  6. Meltzer LJ, Johnson C, Crosette J, Ramos M, Mindell JA. Prevalence of diagnosed sleep disorders in pediatric primary care practices. Pediatrics. 2010;125(6):e1410‐e1418. doi:10.1542/peds.2009-2725
  7. Königs A, Kiliaan AJ. Critical appraisal of omega-3 fatty acids in attention-deficit/hyperactivity disorder treatment. Neuropsychiatr Dis Treat. 2016;12:1869-82. Published 2016 Jul 26. doi:10.2147/NDT.S68652
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  9. Farjadian, Moghtaderi, Kalani, Gholami, & Hosseini Teshnizi. (2016). Effects of omega-3 fatty acids on serum levels of T-helper cytokines in children with asthma. Cytokine, 85, 61-66.
  10. http://www.microbiomeinstitute.org/blog/2016/1/20/how-many-bacterial-vs-human-cells-are-in-the-body
  11.  Fashner J, Ericson K, Werner S. Treatment of the common cold in children and adults. Am Fam Physician. 2012;86(2):153‐159.

अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।