केसीन बनाम व्हे प्रोटीन: क्षमता बढ़ाने के लिये कब किसका प्रयोग किया जाये
सक्रिय व्यक्तियों व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वालों के बीच दो सबसे लोकप्रिय पूरक आहार हैं केसीन और व्हे प्रोटीन पाउडर । वास्तव में, यदि आप नियमित रूप से कसरत करते हैं, तो आप शायद ही अपने आस-पास कोई ऐसा व्यक्ति पायेंगे जो नियमित अथवा अनियमित रूप से किसी न किसी प्रकार के प्रोटीन शेक का प्रयोग न करता हो।
प्रोटीन सक्रिय व्यक्तियों के लिए आवश्यक है क्योंकि यह मांसपेशियों को पुनः दुरुस्त करने व नई मांसपेशियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हम कसरत करते हैं तो हमारी मांसपेशी पर दबाव पड़ता है, जिसके फलस्वरूप हमें और अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है ताकि हम पुनः ऊर्जावान हो कर वापस आ सकें। प्रोटीन हमारे वजन और शारीरिक रचना को बनाये रखने के लिये भी आवश्यक है।
व्हे और केसीन प्रोटीन शेक बेहतरीन पूरक आहार हैं क्योंकि इन्हें किसी भी भोजन में आसानी से मिलाया जा सकता है और ये हमारी प्रोटीन की दैनिक मात्रा को बढ़ाने में सहायक होते हैं— ये वास्तव में यह सुनिश्चित करने का सुरक्षित तरीका हैं कि आप पर्याप्त प्रोटीन का उपभोग कर रहे हैं।
इस लेख में हम इस बात पर चर्चा करने जा रहे हैं कि व्हे और केसीन प्रोटीन क्या हैं, उनके बीच प्रमुख अंतर क्या हैं, उनका कैसे प्रयोग किया जाना चाहिए, तथा और भी बहुत कुछ!
व्हे और केसीन प्रोटीन क्या हैं?
व्हे और केसीन प्रोटीन के बीच के अंतर को जानने से पूर्व यह बेहतर होगा कि हम पहले यह समझ लें कि ये दोनों प्रोटीन क्या हैं। प्रत्येक प्रोटीन की अपनी विशिष्ट विविधताएं हैं, और इनके बीच के सूक्ष्म अंतर की समझ आपको यह निर्णय लेने में सहायक होगी कि आपको कौन से प्रोटीन का उपभोग करना चाहिए।
व्हे प्रोटीन
व्हे प्रोटीन शेक दुग्ध-आधारित उत्पाद हैं जो पनीर उत्पादन प्रक्रिया से उत्पन्न द्रवीय बाइ-प्रोडक्ट से प्राप्त किये जाते हैं। व्हे प्रोटीन शेक को हमारा शरीर तेज़ी से पचा लेता है और इस कारण मांसपेशियों में प्रोटीन का संश्लेषण काफ़ी कम समय में हो जाता है।
पारंपरिक व्हे प्रोटीन शेक की कई किस्में उपलब्ध हैं। विभिन्न प्रकार के व्हे प्रोटीन पाचन और सम्मिश्रण को प्रभावित करते हैं। व्हे प्रोटीन के तीन सबसे आम प्रकारों में शामिल हैं:
- व्हे कंसन्ट्रेट: ये कुछ हद तक परिष्कृत होते हैं और इनमें कुछ मात्रा में वसा और कार्बोहायड्रेट होते हैं।
- व्हे प्रोटीन आइसोलेट: परिष्कृत व्हे जिसमें से शर्करा और वसा पृथक कर लिया गया हो।
- व्हे प्रोटीन हाइड्रोलिसेट: उच्च स्तर का परिष्कृत व्हे जो ऐसी प्रक्रिया से गुज़रता है जो इसे “पूर्वपाच्य” (कृपया शाब्दिक अर्थ पे मत जाएं) बना देती है, जिससे इसकी जैव उपलब्धता बढ़ जाती है
व्हे प्रोटीन के विभिन्न प्रकारों के बीच अंतर को समझना आवश्यक है क्योंकि एक उच्च गुणवत्ता वाले व्हे—एक आइसोलेट या हाइड्रोलिसेट— की जैव उपलब्धता सामान्यतः बेहतर होगी, इसमें शर्करा की मात्रा कम होने से पाचन संबंधी समस्या कम होगी, और यह हर प्रकार के द्रव में आसानी से मिल जायेगा।
केसीन प्रोटीन
व्हे की भांति केसीन प्रोटीन भी पनीर के उत्पादन का एक बाइ-प्रोडक्ट है। जब इस प्रोटीन को खाया जाता है तो यह पेट के अन्दर जमा हो जाता है और अपेक्षाकृत बहुत धीरे पचता है, इस कारण यह दीर्घकालीन प्रोटीन रिलीज़ का अच्छा स्रोत है, दूसरे शब्दों में यह शरीर को लम्बे समय तक प्रोटीन की पूर्ति सुनिश्चित करता है।
व्हे प्रोटीन की भांति केसीन प्रोटीन के भी कुछ प्रकार हैं जिनके बारे में जानना महत्वपूर्ण होगा। विभिन्न केसीन प्रोटीन इस आधार पर एक दूसरे से भिन्न होते हैं कि उन्हें कैसे परिष्कृत किया जाता है। ऐसा उनके पाचन में अंतर उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। केसीन प्रोटीन के जानने योग्य दो प्रमुख प्रकार हैं::
- मिसेलर केसीन: बाज़ार में उपलब्ध सर्वाधिक आम किस्म का केसीन पाउडर
- हाइड्रोलाइज्ड केसीन: परिष्कृत केसीन जो पाचन में अपेक्षाकृत सहज होता है
व्हे और केसीन प्रोटीनों में उल्लेखनीय अंतर यह है कि विभिन्न प्रकार के केसीन प्रोटीनों पर अब भी पर्याप्त शोध नहीं हुई है। चूँकि केसीन एक धीरे पचने वाला प्रोटीन स्रोत है इसलिए यह तर्क दिया जाता है कि हाइड्रोलाइज्ड केसीन, जो कि अपेक्षाकृत महंगा परिष्कृत केसीन है, इसकी कीमत के अनुसार श्रेष्ठ नहीं है क्योंकि इस पर अभी इतना शोध नहीं किया गया है कि कोई निश्चित दावे किये जा सकें।
कौन सा बेहतर है? व्हे बनाम केसीन प्रोटीन
स्थानीय स्तर पर, व्हे और केसीन प्रोटीन शेक एक समान हैं क्योंकि ये दोनों दुग्ध-आधारित उत्पाद हैं और इनमें प्रत्येक सर्विंग (एक बार में उपभोग की जाने वाली मात्रा) में पर्याप्त प्रोटीन होता है। इसके अतिरिक्त व्हे और केसीन प्रोटीन पाउडर दोनों ही प्रोटीन का सम्पूर्ण स्रोत हैं, जिससे आशय है कि इनमें सभी नौ एमिनो एसिड (प्रोटीन के मूलभूत अवयव) मौजूद हैं।
इन दो मुख्य समानताओं के आलावा, इन उत्पादों में अनेक भिन्नताएं हैं जिनके बारे में उन लोगों के लिए जानना ज़रूरी है जो इनके उपभोग पर चर्चा करना चाहते हैं। इनके बीच के अंतर को समझ कर हम इस बारे में समझदारी भरे निर्णय ले सकते हैं कि इन उत्पादों को दैनिक आहार में प्रभावशाली तरीके से कब प्रयोग किया जाना चाहिए।
आख़िरकार चूँकि ये पूरक आहार हैं, इसलिए इनका प्रयोग आहार के पूरक के रूप में ही होना चाहिए ताकि यह शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकें।
पाचन दर
व्हे और केसीन प्रोटीन में प्रमुख व उल्लेखनीय अंतर है उनकी पाचन दर में भिन्नता। यह अंतर समझना बुनियादी रूप से इसलिए आवश्यक है क्योंकि इसे समझ कर हम यह निर्णय ले सकते हैं कि मांसपेशियों के विकास और उनकी मरम्मत के लिए किस प्रोटीन का प्रभावशाली उपभोग कब किया जाये।
व्हे प्रोटीन शीघ्रता से पच जाता है इसलिए यह मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण के लिए श्रेष्ठ है। यही कारण है कि आम तौर पर कसरत के बाद या सुबह उठने पर—दो समय जब प्रोटीन के प्रवाह को शरीर तत्परता से ग्रहण करता है— प्रोटीन शेक लेने की सलाह दी जाती है।
जब हम इस पर विचार करते हैं कि व्हे प्रोटीन की पाचन दर और इसका कौन सा प्रकार सबसे तेज़ है, तो सबसे आसान तरीका है कि हम इसकी तीनों किस्मों को उनकी शीघ्रता की कसौटी पर कसें। व्हे प्रोटीन जितना परिष्कृत होता है उतना ही शीघ्रता से पचता है क्योंकि इसके विघटन और उपयोग में शरीर को कम ऊर्जा ख़र्च करनी पड़ती है।
व्हे कंसन्ट्रेट पाचन में सबसे अधिक समय लेता है जबकि व्हे हाइड्रोलाइसेट सबसे तेज़ी से पचता है, तो अब बचा व्हे प्रोटीन आइसोलेट जिसकी पाचन दर इन दोनों के बीच कहीं होती है।
उपर्युक्त तीनों प्रकार के प्रोटीन के बीच बहुत कम भिन्नता है, परन्तु अक्सर ज़रा सा अंतर भी लोगों को विशिष्ट प्रकार का प्रोटीन चुनने को प्रेरित करने के लिए पर्याप्त होता है क्योंकि व्हे पाचन की दर और शरीर द्वारा प्रोटीन के त्वरित उपयोग को काफ़ी महत्व देते हैं।
व्हे प्रोटीन के त्वरित पाचन के विपरीत, केसीन बहुत धीमा प्रोटीन है। जब केसीन का उपभोग किया जाता है तो यह पेट में गाढ़े, जेल जैसे पदार्थ के रूप में जमा हो जाता है, जिससे इसके विघटन और पाचन में लगने वाला समय बढ़ जाता है, और इस प्रकार लम्बे समय तक प्रोटीन शरीर को मिलता रहता है।
इस अंतर के कारण व्हे प्रोटीन की तुलना में केसीन प्रोटीन के सर्वोत्तम उपयोग भिन्न हो जाते हैं क्योंकि देर से पचने वाला प्रोटीन उन स्थितियों में आदर्श नहीं होता जहाँ शरीर को प्रोटीन की तुरंत आवश्यकता होती है।
प्रोटीन के उपभोग का सर्वोत्तम समय
चूंकि व्हे और केसीन की पाचन दरों में बहुत फ़र्क़ होता है, दोनों में इस मामले में भी फ़र्क़ होगा कि उनका सेवन कब किया जाए। असल में, दोनों ही खुराकों का सेवन दिन में किसी भी समय किया जा सकता है, मगर हम दोनों का सेवन करने के सबसे असरदार तरीकों के बारे में बात कर रहे हैं।
व्हे प्रोटीन का सेवन करने के लिए सबसे अच्छा समय:
- व्यायाम से पहले या बाद में
- दोपहर के नाश्ते में प्रोटीन सामग्री बढ़ाने के लिए
- ज़्यादा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध न हों तो नाश्ते के साथ
केसीन प्रोटीन का सेवन करने के लिए सबसे अच्छा समय:
- सोने से पहले
- भूख को शांत करने और पेट भरा होने का एहसास देने के लिए नाश्ते के तौर पर
आम तौर पर, केसीन का सेवन मुख्य रूप से सोने के पहले किया जाना चाहिए क्योंकि रात में सोने के बाद लगातार प्रोटीन रिलीज़ होने से स्वास्थ्यलाभ को बढ़ावा मिलता है।
दोनों खुराकों के सेवन का सबसे अच्छा समय
व्हे और केसीन, दोनों के प्रोटीन को दूध या पानी में मिलाकर शेक की तरह पिया जा सकता है। हालांकि, दोनों के गाढ़ेपन में फ़र्क़ होने के कारण इसका अनुभव हमेशा अच्छा नहीं होता है।
व्हे प्रोटीन आम तौर पर तरल के साथ अच्छे से मिल जाता है, जिसकी वजह से यह ज़्यादा चिपचिपा और गाढ़ा नहीं रहता। इसलिए, इसका सेवन करना और पीना आसान हो जाता है। अपने पसंदीदा तरल में इसे शेक के रूप में मिलाने के अलावा, व्हे प्रोटीन को ओटमील जैसी चीज़ों में भी मिलाया जा सकता है। इससे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर सामान्य खाद्य-पदार्थों में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
केसीन प्रोटीन तरल में मिलने पर बहुत गाढ़ा हो जाता है, जिससे इसे पीना काफी दुखदायी हो सकता है—आपको ऐसा लगेगा मानो आप पिघली हुई आइसक्रीम पी रहे हों। इसी वजह से, केसीन का सेवन पुडिंग की तरह करना ही बेहतर होगा। केसीन को शेक में मिलाने के बजाय, किसी कटोरे में दूध और पानी के साथ मिलाएं। फिर आप इसका सेवन पुडिंग की तरह कर सकते हैं। केसीन को ओटमील और आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थों के साथ भी मिलाया जा सकता है।
पोषण
आम तौर पर, व्हे और केसीन प्रोटीन शेक के बीच कैलोरी और मैक्रोन्यूट्रिएंट की मात्रा में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं होता। यह मामूली अंतर मूलतः इस बात पर निर्भर करता है कि किस प्रकार के व्हे और केसीन का सेवन किया जा रहा है। ज़्यादा संसाधित उत्पादों में वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जिसकी वजह से आम तौर पर कैलोरी की कुल मात्रा में कमी आ सकती है।
सामान्य खुराक क्या हो सकती है इसका अंदाज़ा लगाने के लिए, हमने व्हे और केसीन प्रोटीन के लिए कैलोरी और मैक्रोन्यूट्रिएंट की सामान्य मात्रा की सूची बनाई है।
नोट: नीचे दी गई जानकारी उत्पाद के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। ये कुछ सामान्य आंकड़े हैं जो आमतौर पर व्हे और केसीन प्रोटीन पाउडर में हो सकते हैं।
व्हे प्रोटीन आइसोलेट:
- कैलोरी: 120
- वसा: 0 ग्राम
- कार्बोहाइड्रेट: <1g
- प्रोटीन: 30 ग्राम
केसीन प्रोटीन:
- कैलोरी: 120
- वसा: 1 ग्राम
- कार्बोहाइड्रेट: 3 ग्राम
- प्रोटीन: 24ग्राम
जैसा कि आप देख सकते हैं, इन उत्पादों में कैलोरी और मैक्रोन्यूट्रिएंट की मात्रा में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं है, इसलिए इनकी पाचन दर और इस्तेमाल के बीच फ़र्क़ को समझना ज़रूरी है।
अपने दैनिक आहार में खुराक के तौर पर व्हे या केसीन प्रोटीन को चुनते समय, यह पक्का कर लें कि आपको दोनों उत्पादों में मौजूद कैलोरी और मैक्रोन्यूट्रिएंट की मात्रा की जानकारी हो। इससे पक्का हो जाएगा कि यह आपकी दैनिक ज़रूरतों के मुताबिक है। उदाहरण के लिए, ज़्यादा कैलोरी वाला विकल्प उन लोगों के लिए अच्छा नहीं होगा जो कम कैलोरी का सेवन करते हुए वज़न घटाने की कोशिश कर रहे हैं।
नोट: किसी भी नई खुराक को अपने आहार में शामिल करने से पहले, हमेशा सही चिकित्सक से राय लेना बेहतर होगा। अगर आप इन उत्पादों का सेवन पहली बार कर रहे हैं, तो बेहतर यही रहेगा कि आप किसी डाइटिशियन (आहार विशेषज्ञ) से इनका सेवन करने के तरीकों की जानकारी अवश्य ले लें।
निष्कर्ष
जब व्हे और केसीन प्रोटीन पाउडर की संरचना की बात आती है, तो इनमें बहुत सी चीज़ें आम होती हैं, लेकिन इनके सेवन के सबसे अच्छे तरीकों की बात की जाए, तो इनमें काफ़ी फ़र्क़ होता है। दोनों के बीच के फ़र्क़ को समझकर, कामकाजी लोग दोनों तरह के प्रोटीन के इस्तेमाल के लिए ऐसी योजना बना सकते हैं जो उनके अपने लक्ष्यों के मुताबिक हो।
संदर्भ:
- https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31337204/
- https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3905294/
अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।